नई दिल्ली, ता। 11 अप्रैल 2020, शनिवार
कोरोना वायरस ने दुनिया भर में ले लिया है और दुनिया भर में कोरोना के कारण दस लाख से अधिक लोग मारे गए हैं, अधिकांश देश इस बीमारी के लिए सतर्क हैं। लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस को पिछले साल नवंबर में चेतावनी दी गई थी।
अमेरिकी मीडिया में जारी रिपोर्ट से पता चला कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और खुफिया अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि चीन को पिछले साल नवंबर में उखाड़ फेंका जाएगा। अब वे सवाल पूछ रहे हैं कि अगर विदेशी खुफिया एजेंसियों को कोरोना वायरस की महामारी के बारे में जानकारी थी तो चीन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी? और फिर आपने दुनिया और अपने देश के नागरिकों को चेतावनी क्यों नहीं दी? अगर पहले ही चेतावनी दी गई होती तो दुनिया भर में महामारी नहीं फैलती।
यह भी बताया गया है कि 31 दिसंबर, 2019 को डब्ल्यूएचओ ने चीन को निमोनिया के बारे में जागरूक किया। चीन ने 7 जनवरी को पहली बार कोरोना वायरस की पुष्टि की। हालाँकि उस समय चीन ने दावा किया था कि कोरोना वायरस इतना खतरनाक नहीं था, लेकिन यह झूठ था कि चीन न केवल दुनिया के लिए बल्कि अपने देश के लिए भी बात करता था।
अमेरिकी मीडिया का दावा है कि पिछले साल नवंबर के अंत तक, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि चीन के वुहान में एक नया वायरस तेजी से फैल रहा है, और अपने नागरिकों के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। रिपोर्ट में यह भी पता चला कि अमेरिकी सेना के नेशनल सेंटर फॉर मेडिकल इंटेलिजेंस की नवंबर की खुफिया रिपोर्ट ने भी ट्रम्प सरकार को चेतावनी दी थी।
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