इस्लामाबाद, 5 जनवरी 2021 मंगलवार
पाकिस्तान में एक मंदिर को ढहाने का मामला आज उच्चतम न्यायालय में सुना गया। सुनवाई में, अदालत ने मंगलवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय सरकार को आदेश दिया कि वह करणी जिले के तेरी गांव में कृष्णद्वार मंदिर और साथ ही श्री परमहंसजी महाराज के मकबरे का दो सप्ताह के भीतर पुनर्निर्माण करे। केवल उन लोगों को जो पुनर्निर्माण के लिए भुगतान करना होगा।
पाकिस्तान में मंदिर विध्वंस के एक मामले की आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में मंगलवार को अदालत ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय सरकार को करक जिले के तेरी गांव में कृष्णद्वार मंदिर और श्री परमहंसजी महाराज के मकबरे का दो सप्ताह में पुनर्निर्माण करने का आदेश दिया। केवल उन लोगों को जो पुनर्निर्माण के लिए भुगतान करना होगा।
हालांकि, 30 दिसंबर को कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी (फजल-उर-रहमान समूह) के सदस्यों की अगुवाई में भीड़ ने मंदिर में तोड़फोड़ की और मंदिर में आग लगा दी। समाधि भी थी, बाद में दर्ज एफआईआर में 350 से अधिक लोगों का नाम था, मामले में अब तक 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय के एक वकील रमेश कुमार ने पिछले हफ्ते कराची में अपनी बैठक के दौरान ब्रेक-अप की सूचना दी, जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने कार्रवाई की, फिर खैबर पख्तूनख्वा सरकार और ओकाफ़ विभाग को तुरंत काम शुरू करने और दो सप्ताह के भीतर एक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। ।
दूसरी ओर, अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मंदिर पर हमले की कड़ी निंदा की है।
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