
(पीटीआई) नई दिल्ली / पेशावर, ता। 1
पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले के टेरी गाँव में कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा एक हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था। पाकिस्तान में हिंदू समुदाय ने तब जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने भी इस घटना की आलोचना की और सुझाव दिया कि मंदिर का निर्माण किया जाए।
खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने एक समारोह के दौरान इस घटना पर दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिम्मेदार कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हिंदू संगठनों को गिरफ्तार करते हुए घोषणा की कि सरकार मंदिर का पुनर्निर्माण करेगी।
महमूद खान ने कहा कि इस तरह से अल्पसंख्यक धर्म के लोगों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाना उचित नहीं था। उनकी राज्य सरकार इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई करेगी। पुलिस ने कुल आठ कट्टरपंथी मुसलमानों को गिरफ्तार किया है, जिसमें कट्टरपंथी राजनीतिक दल जमीयत-उल-उलेमा-ए-इस्लाम के नेता रहमान सलाम भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पुलिस ने 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार का प्रतिनिधित्व किया है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को नोटिस भेजा है। उच्चायुक्त को एक प्रस्तुति में, भारत ने इस घटना की निंदा की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। भारत ने यह भी कहा है कि 19 वीं सदी से पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों और हिंदू समुदायों को निशाना बनाया गया है। इसके बारे में जानकारी देते हुए, भारत ने हिंदू मंदिर के विध्वंस का नारा दिया।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान हिंदू परिषद के अध्यक्ष और हिंदू नेता रमेश कुमार वाकवानी, अल्पसंख्यक आयोग के नेता डॉ। सूडल सहित नेताओं ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष अभ्यावेदन दिया। इस मामले पर 9 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
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