चीन में निर्माणाधीन मिसाइलों के लिए 100 से अधिक भूमिगत शस्त्रागार


वाशिंगटन, ता. 1

विशेषज्ञों का दावा है कि चीन युमेन शहर के उत्तर-पश्चिम में रेगिस्तान में अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए 100 से अधिक "मिसाइल साइलो" बना रहा है।

कैलिफोर्निया में जेम्स मार्टिन सेंटर फॉर नॉनप्रोलिफरेशन स्टडीज के शोधकर्ताओं ने वाणिज्यिक उपग्रह चित्रों के आधार पर कहा है कि चीन रेगिस्तान में मिसाइलों के लिए साइलो का निर्माण कर रहा है। इन चित्रों में लगभग 114 निर्माण स्थलों की पहचान की गई है। विश्लेषकों का कहना है कि चीन के परमाणु हथियारों से लैस बैलिस्टिक मिसाइलों के शस्त्रागार के लिए मौजूदा लॉन्च सुविधा में विशेषताएं प्रतिबिंबित हैं।

माना जाता है कि चीन के पास संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस की तुलना में परमाणु हथियारों की कुल मात्रा कम है, इसलिए नए शस्त्रागार से संकेत मिलता है कि चीन ने अपने हथियारों में काफी वृद्धि की है। हालांकि, चीन पहले भी नकली शस्त्रागार बनाने के लिए कुख्यात रहा है। शीत युद्ध के दौरान अमेरिका ने भी ऐसा ही तरीका अपनाया था।

शोधकर्ता जेफरी लुईस ने कहा कि मिसाइल साइलो के निर्माण से संकेत मिलता है कि चीन अपने परमाणु हथियारों की विश्वसनीयता बढ़ाने का इरादा रखता है। उनका कहना है कि अगर पूरे चीन में शस्त्रागार बन रहे हैं तो इस तानाशाही देश में करीब 15 शस्त्रागार निर्माणाधीन हैं। सेंटर फॉर नॉनप्रोलिफरेशन स्टडीज में पूर्वी एशिया अप्रसार कार्यक्रम के निदेशक लुईस का कहना है कि माना जाता है कि चीन अमेरिकी परमाणु हमले को रोकने के लिए अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार कर रहा है।

टिप्पणियाँ

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *