वाशिंगटन, शुक्रवार, 9 जुलाई, 2021
कोरोना की तीसरी लहर और वायरस के बदलते स्वरूप की आशंका के बीच अमेरिकी वैक्सीन कंपनी की मांग है कि नागरिकों को वैक्सीन की तीसरी खुराक दी जाए।
फाइजर ऑफ अमेरिका- बायोएनटेक तीसरी खुराक के लिए मंजूरी लेने की कोशिश कर रहा है। कंपनी का दावा है कि कोरोना को कम करने के लिए सिर्फ तीसरे डोज की जरूरत हो सकती है। कंपनी ने गुरुवार को घोषणा की कि वह ऐनी कोरोना वैक्सीन के लिए नियामकीय मंजूरी मांगेगी।
कंपनी मिड टर्म ट्रायल के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए मंजूरी लेने की कोशिश करेगी। ये आंकड़े बताते हैं कि पहली दो खुराक की तुलना में तीसरी खुराक एंटीबॉडी के स्तर को पांच से दस गुना बढ़ा सकती है।
दरअसल, कोरोना-वैक्सीन की इस तीसरी खुराक से बीटा वेरिएंट से बेहतर सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। साईं से पहले बीटा संस्करण दक्षिण अफ्रीका में दिखाई दिया। यह वैरिएंट अब तक का सबसे शक्तिशाली वायरस है। यह डेल्टा वेरिएंट से भी ज्यादा नुकसानदेह है।
दरअसल, कोरोना के डेल्टा वेरिएंट को कम असरदार दिखाया गया है। एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों को पहले कभी कोरोना नहीं हुआ था, वे कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित थे, लेकिन वैक्सीन को ऐसे मरीजों में एंटीबॉडी बनाने में अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
एक रिपोर्ट के अनुसार, डेल्टा वेरिएंट के प्रभावों का मुकाबला करने में फाइजर वैक्सीन 64 प्रतिशत तक प्रभावी है। वैक्सीन पहले कोरोना के अन्य रूपों के खिलाफ 94 प्रतिशत प्रभावी थी। ऐसे में फाइजर मांग कर रहा है कि लोगों को वैक्सीन की तीसरी खुराक दी जाए।
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