
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2021, शुक्रवार
ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स ऑफ अमेरिका नामक एक रिपोर्ट में भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और उसके सहयोगी के बच्चों सहित सुरक्षा बलों में शामिल होने का चौंकाने वाला खुलासा किया गया है।
पाकिस्तानी अखबार ने रिपोर्ट के हवाले से कहा कि पाकिस्तान और तुर्की को उन देशों की सूची में शामिल किया गया है जो अपने सुरक्षा बलों में बच्चों की भर्ती करते हैं। सूची में शामिल देशों को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा सैन्य सहायता प्रदान करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
यह सूची चाइल्ड सोल्जर प्रिवेंशन एक्ट के तहत तैयार की गई है। इसमें वे देश शामिल हैं जिनमें पंद्रह वर्ष से कम आयु के बच्चे अपनी सेना, पुलिस या अन्य सुरक्षा बलों में शामिल हैं। रिपोर्ट में पाकिस्तान और उसके सहयोगी तुर्की का भी नाम है। इसमें अफगानिस्तान, बर्मा, ईरान, कांगो, इराक, लीबिया, माली, नाइजीरिया, सोमालिया जैसे देश भी शामिल हैं।
शांति अभियानों के लिए इन देशों की सहायता रोकी जा सकती है। इस सूची में 2010 से कांगो, सोमालिया और यमन शामिल हैं। उस समय इस सूची में 6 देशों के नाम थे। अब इसमें 14 देशों को शामिल किया गया है। अमेरिकी सरकार के मुताबिक 18 साल से कम उम्र का कोई भी नाबालिग जो सुरक्षा बलों में है, चाइल्ड सोल्जर कहलाता है। ऐसे बाल सैनिकों का इस्तेमाल खाना बनाने, सामान ढोने, संदेश देने या यहां तक कि सेक्स स्लेव के रूप में भी किया जाता है।
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