तालिबान के एक शीर्ष नेता का साक्षात्कार लेने वाली पहली महिला पत्रकार भी अफगानिस्तान से चली गई

नई दिल्ली, 30 अगस्त 2021, सोमवार

तालिबान के पतन के बाद से लाखों लोग अफगानिस्तान से भाग गए हैं। इसमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने पिछले 20 वर्षों में पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका की मदद की है, साथ ही साथ राजनीतिक नेता और महिलाएं भी शामिल हैं।

तालिबान चाहे कुछ भी कहे, अफगानिस्तान में जमीनी हालात अलग हैं। सत्ता हथियाने के बाद सबसे पहले तालिबान का इंटरव्यू लेने वाली एक महिला पत्रकार भी जान बचाने के लिए देश छोड़कर चली गई है।

अफगान चैनल की एक महिला पत्रकार बेहेश्ता अरगड ने इतिहास रच दिया और तालिबान के एक वरिष्ठ नेता का साक्षात्कार लेने वाली पहली महिला बनीं। इस इंटरव्यू की चर्चा पूरी दुनिया में हुई थी।

24 वर्षीय अरगड ने बाद में मलाला यूसुफजई का साक्षात्कार लिया। मलाला खुद 2015 में तालिबान के हमले में बमुश्किल बची थीं।

पता चला है कि बेहेष्टा अरगड़े भी देश छोड़ने में शामिल हैं।अर्गडे का कहना है कि वह देश लौटना चाहते हैं लेकिन पहले तालिबान द्वारा किए गए वादों को पूरा करते हैं और स्थिति में सुधार का इंतजार करते हैं। अगर उसे लगता है कि वह सुरक्षित है और कोई खतरा नहीं है, तो मैं देश लौट जाऊंगा।

उन्होंने अमेरिकी चैनल से कहा, "मैंने देश छोड़ दिया है क्योंकि मुझे तालिबान से भी डर लगता है।" मैंने अफगान महिलाओं के लिए तालिबान नेता का साक्षात्कार लिया और मैंने खुद को समझाया कि किसी को शुरुआत करनी होगी।

यानी तालिबान ने अपने वादे पूरे नहीं किए। तालिबान समाचार मीडिया को डरा रहे हैं और पत्रकारों को निशाना बना रहे हैं और इसलिए मैंने देश छोड़ दिया है।

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