तालिबान और पंजशीर लड़ाकों के बीच लड़ाई तेज : गृहयुद्ध


पंजसीरामम अफगानिस्तान तालिबान और उत्तरी गठबंधन के बीच युद्ध पर प्रतिबंध लगाने के लिए अभी भी जारी है। दोनों पक्षों के बीच चल रही बातचीत विफल हो गई है। तालिबान का दावा है कि उन्होंने घाटी को पूरी तरह से घेर लिया है। इन परिस्थितियों से तालिबान और उत्तरी गठबंधन पर तीव्र संघर्ष हो सकता है।

तालिबान ने पंजशीर को घेर लिया है। पंजशीर एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर तालिबान अभी तक कब्जा नहीं कर पाया है। तालिबान ने 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा कर लिया, लेकिन पंजशीर पर कब्जा करने में असमर्थ रहे।

पंजशीर अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद के नेतृत्व वाला उत्तरी गठबंधन लगातार तालिबान से लड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में पंजशीर के प्रवेश द्वार पर हमले की तीव्रता बढ़ गई है। तालिबान पूरी ताकत से पंजशीर में घुसपैठ की तैयारी कर रहा है।

अहमद शाह मसूद के अलावा खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित करने वाले अमरुल्ला सालेह भी पंजाब में हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि पंजशीर हर अफगान नागरिक के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। पंजशीर अपनी आखिरी सांस तक अफगान लोगों के लिए लड़ते रहेंगे। पंजशीर चारों तरफ से घिरा हुआ है। लेकिन फिलहाल किसी हमले की योजना नहीं है। हम पंजशीर विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहते हैं ताकि इसे नुकसान न पहुंचे।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिका सहित विदेशी बलों की वापसी उचित नहीं है। ऐसी स्थिति अफगानिस्तान को गृहयुद्ध में डुबो सकती है। इस समय तालिबान से ठीक से संपर्क नहीं किया गया था। पश्चिमी देशों को वहां की स्थिति पर नजर रखने और अफगानिस्तान में गृहयुद्ध जैसी स्थिति को रोकने के लिए तालिबान के संपर्क में रहने की जरूरत है।

सोमवार को पंजशीर में संघर्ष छिड़ गया।उत्तरी गठबंधन ने दावा किया कि तालिबान ने घुसपैठ की कोशिश की थी और वह विफल रहा था। उनके 200 से अधिक लड़ाके मारे गए और 50 से अधिक को बंधक बना लिया गया। पंजशीर के बाहर सोमवार के बाद भी मारपीट जारी है।


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