
नई दिल्ली, दिनांक 8 अक्टूबर 2021, शुक्रवार
अफगानिस्तान में तख्तापलट के बाद से चीन तालिबान की हर संभव मदद करता रहा है, लेकिन भारत के लिए चिंता की बात यह है कि रूस ने अब तालिबान नेताओं को अपने देश आने का न्योता दिया है.
पत्रकारों द्वारा रूसी राष्ट्रपति के विशेष दूत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 20 अक्टूबर को मास्को में आयोजित किया जाना था और तालिबान को आमंत्रित किया जाएगा।
इस तरह का पहला सम्मेलन मार्च में रूस में आयोजित किया गया था। रूस, अमेरिका, चीन और पाकिस्तान ने एक संयुक्त बयान जारी कर अफगानिस्तान में सभी पक्षों से शांति समझौते की अपील की।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने सवाल पूछा है कि क्या अफगानिस्तान में मानवीय संकट बढ़ने पर भी रूस तालिबान की मदद करना चाहता है?
रूस ने अब तक तालिबान सरकार को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। इसके उलट वह तालिबान के साथ बातचीत के प्रति सकारात्मक रुख अपना रहा है।
एक रिपोर्ट यह भी है कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद चीन और रूस भी इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
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