
वाशिंगटन, ता. 03 जून 2022 शुक्रवार
विदेश विभाग ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर संसद को अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि 2021 में, भारत में अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों पर हत्या और धमकी सहित साल भर हमले हुए। विदेश विभाग के फोगी बॉटम मुख्यालय में विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन द्वारा जारी एक रिपोर्ट प्रत्येक देश पर एक अलग अध्याय के साथ, दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति के उल्लंघन पर एक परिप्रेक्ष्य प्रदान करती है।
भारत ने पहले अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उसे किसी भी विदेशी सरकार द्वारा अपने नागरिकों के संवैधानिक रूप से संरक्षित अधिकारों के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। रिपोर्ट का भारत खंड धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर मतदान से बचता है, लेकिन इसके विभिन्न पहलुओं का दस्तावेजीकरण करता है, जैसे कि भारतीय प्रेस और भारत सरकार की रिपोर्ट में प्रकाशित।
रिपोर्ट उदारतापूर्वक विभिन्न गैर-लाभकारी संगठनों और अल्पसंख्यक संगठनों द्वारा उन पर हमलों के आरोपों का भी हवाला देती है, लेकिन ज्यादातर समय अधिकारियों द्वारा जांच के परिणाम सरकार की प्रतिक्रिया पर चुप रहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों पर हमले, मारपीट और डराने-धमकाने का सिलसिला साल भर चलता रहा। इनमें गोहत्या या बीफ व्यापार के आरोपों के आधार पर गैर-हिंदुओं के खिलाफ गो सतर्कता की घटनाएं शामिल थीं।
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