जानिए, दुनिया के इन देशों में काम करता है भारत का ड्राइविंग लाइसेंस, नियमों का पालन करेंगे तो नहीं होगी दिक्कत


नई दिल्ली, 15 जुलाई, 2022, शुक्रवार

भारतीय विदेश में ड्राइविंग का आनंद लेना चाहते हैं लेकिन यह हर जगह संभव नहीं है। कभी ड्राइविंग लाइसेंस वैध नहीं होता तो कभी ट्रैफिक नियम सख्त होते हैं। हालांकि, ऐसे देश हैं जहां भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस को वैध माना जाता है। जहां आप अपनी विदेश यात्रा के दौरान पूरा मजा ले सकते हैं।

कुछ देशों की बात करें तो सिंगापुर में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस एक साल के लिए वैध माना जाता है। सिंगापुर की सड़कों पर कारों को चलाया जा सकता है। हालांकि, अंग्रेजी भाषा का ज्ञान और यातायात नियमों की समझ अनिवार्य है। नहीं तो भारी जुर्माना हो सकता है। इसी तरह, जर्मनी में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस के साथ कार चलाना आसान है। हालांकि, लाइसेंस केवल 6 महीने के लिए वैध है। अवधी के पूरा होने के बाद स्थानीय आरटीओ कार्यालय से संपर्क करना होगा।


एक भारतीय लाइसेंस इंग्लैंड में एक वर्ष के लिए वैध होता है। स्कॉटलैंड और वेल्स में भी ड्राइव कर सकते हैं। हालांकि, स्थानीय यातायात नियमों का एक भी उल्लंघन लागू नहीं किया जाता है। नॉर्वे में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस केवल 3 महीने के लिए वैध है। वाहन चलाते समय अंग्रेजी भाषा का ज्ञान अनिवार्य है। इसी तरह स्विट्जरलैंड में भारतीय लाइसेंस की वैधता 1 साल तक है। 1 साल पूरा होने के बाद आरटीओ की मंजूरी लेनी होती है और उसके बाद कार को चलाया जा सकता है।

देश और भारत में लाइसेंस की वैधता

यूएसए - 1 वर्ष

सिंगापुर - 1 वर्ष

जर्मनी - 6 महीने

इंग्लैंड - 1 वर्ष

नॉर्वे - 3 महीने

स्विट्ज़रलैंड -1 वर्ष

मॉरीशस - 1 दिन

फ़िनलैंड - 1 वर्ष

फ्रांस - 1 वर्ष

ऑस्ट्रेलिया - 3 महीने

न्यूजीलैंड - 1 वर्ष

फ़िनलैंड - 1 वर्ष

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