लू को लेकर यूरोपीय एजेंसी ने दी चेतावनी, कार्रवाई नहीं की तो यूरोप में हर साल 90 हजार मौतें होंगी!


-जलवायु परिवर्तन से यूरोप में मलेरिया और मच्छर जनित डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

नई दिल्ली, 9 नवंबर 2022, बुधवार

दुनिया के बाकी हिस्सों के साथ-साथ यूरोप को भी इस साल जलवायु परिवर्तन से काफी नुकसान हुआ है। अब यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी (ईईए) ने लू की चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि अगर कुछ नहीं किया गया, तो सदी के अंत तक हीटवेव हर साल 90,000 यूरोपीय लोगों की जान ले लेगी। पर्यावरण एजेंसी ने कहा कि 2100 तक 3 डिग्री सेल्सियस ग्लोबल वार्मिंग के परिदृश्य को देखते हुए, 90,000 तक यूरोपीय सालाना अत्यधिक गर्मी से मर सकते हैं।

पर्यावरण एजेंसी ने बीमा डेटा का हवाला देते हुए कहा कि '1980 और 2020 के बीच 1,29,000 से अधिक यूरोपीय लोगों की अत्यधिक गर्मी से मृत्यु हो गई, लेकिन आने वाले वर्षों में बढ़ती गर्मी, बढ़ती आबादी और बढ़ते शहरीकरण के कारण यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। जलवायु परिवर्तन। विशेष रूप से महाद्वीप के दक्षिणी भाग में। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को कहा कि इस साल यूरोप में गर्म मौसम के कारण कम से कम 15,000 लोगों की मौत हुई है।

एजेंसी के अनुसार, रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से जून से अगस्त तक के तीन महीने यूरोप में सबसे गर्म रहे। इसके अलावा, असामान्य रूप से उच्च तापमान ने मध्य युग के बाद से महाद्वीप के सबसे खराब सूखे का कारण बना है। गर्मी के खतरे के अलावा, पर्यावरण एजेंसी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से यूरोप में मच्छरों के काटने से मलेरिया और डेंगू जैसे संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

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