अमेरिकी सैन्यीकरण से नाराज चीन ने दक्षिण चीन सागर में विवादित चौकियों पर फिर दावा किया

नई दिल्ली, दिनांक 6 जनवरी 2023, शुक्रवार

चीन ने दक्षिण चीन सागर में विवादित चौकियों पर अपना दावा जताते हुए एक बार फिर से सैन्यीकरण का प्रयास शुरू कर दिया है। गुरुवार को अमेरिका ने चीन की उकसावे वाली हरकत पर गंभीर चिंता जताई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि चीन की कोशिशें क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। चीन दक्षिण चीन सागर में अवैध तरीके से अपना एजेंडा लागू करना चाहता है। समुद्री क्षेत्र में इसकी उकसावे वाली कार्रवाइयाँ, ज़बरदस्ती और डराना इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को कमजोर करेगा।

नेड प्राइस ने कहा कि बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर पर अपने दावे के लिए ठोस और सुसंगत कानूनी आधार पेश नहीं किया है। दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियां आए दिन चर्चा का विषय बनी रहती हैं। इसमें अमेरिकी सहयोगियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझेदार देशों और चीन के अधिकारी शामिल हैं। अमेरिका के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमने दक्षिण चीन सागर में उसके विशाल और अवैध दावों के नाम पर उसकी गतिविधियां देखी हैं। नेड प्राइस ने कहा कि चीन को मध्यस्थता न्यायाधिकरण के 12 जुलाई, 2016 के फैसले का पालन करना चाहिए। इसे दक्षिण चीन सागर में अवैध और उत्तेजक कार्रवाइयों को रोकना चाहिए।

चीन 2010 से दक्षिण चीन सागर में निर्जन द्वीपों को हड़पने की कोशिश कर रहा है। वह उन्हें यूएनसीएलओएस के तहत लाने के लिए कृत्रिम द्वीपों में परिवर्तित कर रहा है। चीन वहां अपनी चट्टानों का आकार और ढांचा बदल रहा है। उसने वहां एक हवाई पट्टी भी बनाई है। अमेरिका कृत्रिम द्वीपों के निर्माण की कड़ी आलोचना करता है। वह चीन के इन कदमों को 'रेत की दीवार' करार देता है। चीन पारासेल द्वीप समूह सहित लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है। वहीं, ताइवान, फिलीपींस, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम भी इसके कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं। कहा जाता है कि इस क्षेत्र में तेल और गैस के बहुमूल्य भंडार हैं।

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