लाहौर, ता। 16 नवंबर, 2019, शनिवार
लाहौर उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ईरानी सरकार के दावों को खारिज कर दिया और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का नाम उड़ान सूची से हटा दिया। उल्लेखनीय है कि इमरान खान की सरकार ने नवाज शरीफ की विदेश यात्रा को रोकने के लिए कई प्रयास किए।
सुनवाई के दौरान, पाकिस्तान सरकार ने नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ के आवेदन का विरोध किया। हालांकि, अदालत की एक पीठ ने कहा कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री अपने इलाज के लिए विदेश जाना चाहते हैं, तो अदालत इसकी अनुमति देगी।
साथ ही बेंच ने सरकार से सवाल किया कि क्या इमरान सरकार को नवाज का नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट से हटाने के लिए जनादेश मिला था। पीएमएल-एन के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गंदी राजनीति कर रही थी।
ईरानी सरकार के एक मंत्री ने नवाज शरीफ को केवल एक बार विदेश जाने की अनुमति देने की मांग की और चार सप्ताह के भीतर लौटने की शर्त रखी। इसके अलावा, सरकार ने बदले में शरीफ के परिवार को 7.5 अरब पाकिस्तानी रुपये के बांड का भुगतान करने की मांग की। कई हफ्तों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे नवाज शरीफ रविवार को ईसीएल सूची से नाम न छापने के कारण इलाज के लिए इंग्लैंड नहीं जा सके।
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