
लंदन, ता। 15 दिसंबर 2019, रविवार
केंद्र सरकार के नागरिकता विधेयक का वर्तमान में देश में विरोध हो रहा था, लेकिन अब विरोध प्रदर्शन विदेशों में हो रहे हैं। ब्रिटेन में कई लोगों ने सड़कों पर उतरकर नागरिकता बिल का विरोध किया।
लंदन में भारतीय दूतावास के बाहर, असम के कई नागरिकों ने इकट्ठा होकर बिल का विरोध किया। उसी समय, मोदी विरोधी नारेबाजी कर रहे थे और बिल को धर्म के आधार पर विभाजनकारी करार दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह नया विधेयक असम में वित्तीय संकट पैदा करेगा क्योंकि सरकार असम में रहने वाले सभी लोगों को शरणार्थी के रूप में नागरिकता देने जा रही है। इसके अतिरिक्त, इस कानून का आधार धर्म है जो उचित नहीं है, देश का संविधान धर्म के आधार पर नागरिकता के निर्धारण की अनुमति नहीं देता है।
ब्रिटेन में प्रदर्शन कर रहे लोगों का यह भी कहना है कि वर्तमान में असम में कर्फ्यू है और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है, इसलिए हम अपने परिवारों के साथ भी बातचीत नहीं कर सकते, अस्पतालों की हालत खराब है।
ब्रिटेन में पढ़ने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं, छात्रों सहित हर वर्ग के लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, और उन्होंने यू यस टू यूनिटी नॉट टू डिविजन की भी बात की।
ब्रिटिश-भारतीय और विशेष रूप से असमिया नागरिकों द्वारा आयोजित भारत बचाओ रैली के समान, दिल्ली में एक समान रैली का आयोजन किया गया और केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया।
सरकार जो बिल लाई है, वह यह है कि जो भी शरणार्थी पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से भारत आए हैं, उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी। जाएगा
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