नई दिल्ली, ता। 11 
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई में तीन सरकारी बैंकों के एक समूह ने लंदन उच्च न्यायालय में किंग फिशर के मालिक भाग्य विजय माल्या के खिलाफ 1.8 बिलियन पाउंड (5 करोड़ रु।) का कर्ज चुकाने में विफल रहने की अपील की है।
वकीलों के अनुसार, लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। बैंके के वकीलों ने अदालत को बताया कि माल्या ने नौरू से कर्ज चुकाया था। उल्लेखनीय है कि माल्या वर्तमान में भारत द्वारा दायर किए गए एक प्रत्यर्पण मामले का सामना कर रहा है।
एसबीआई के अलावा, बैंक ऑफ बड़ौदा, कॉरपोरेशन बैंक, फेडरल बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, जम्मू और कश्मीर बैंक, पंजाब और सिद्धार्थ बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, यूको बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और जेबीआई फाइनेंशियल बैंक। कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर यह अपील की है।
न्यायमूर्ति माइकल ब्रिग्स ने इस सप्ताह लंदन उच्च न्यायालय में सुनवाई की। उन्होंने वृद्ध लोन के भुगतान पर बैंकों की याचिकाओं के बारे में सुना था जो कि उम्र बढ़ने वाली किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा लिया गया था।
इससे पहले, उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में माल्या की संपत्ति की बिक्री पर वादा हटाने से इनकार कर दिया था। इस फैसले के बाद, बैंकों ने मलय संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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