नागरिकता सुधार बिल पाकिस्तान की मिर्ची छोड़ देता है

इस्लामाबाद, 10 दिसंबर, 2019 मंगलवार

सोमवार रात भारतीय संसद के लोकसभा में पारित नागरिकता सुधार बिल भारी पड़ गया और पाकिस्तान ने इस बिल का विरोध करते हुए एक बयान जारी किया।

पाकिस्तान ने दावा किया कि विधेयक भारत में रहने वाले अल्पसंख्यक मुसलमानों के अधिकारों को छीनता है और मुसलमानों के अधिकारों को छीनने की संभावना है। विधेयक में मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।

पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया कि विधेयक भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक किए गए सभी संधि समझौतों का उल्लंघन करता है।

पाकिस्तान के विदेश विभाग द्वारा जारी एक बयान में, यह दावा किया कि पाकिस्तान और दो अन्य देशों के मुसलमानों को छोड़कर सभी को नागरिकता देने का प्रस्ताव गलत था और धर्म के आधार पर भेदभाव पर सभी अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन किया।

पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में दक्षिणपंथी हिंदू नेताओं द्वारा यह पहला कदम था।

बयान में दावा किया गया कि यह पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की रणनीति थी और हम इसका कड़ा विरोध करते हैं।

पाकिस्तान ने तब कश्मीर को इस मुद्दे से जोड़ा और कहा कि कश्मीरी लोगों पर अत्याचार भी इसी चरम विचारधारा का परिणाम था।

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