सीएए के विरोध के बीच पाकिस्तानी नागरिक को भारतीय नागरिकता मिल गई

इस्लामाबाद, ता। 19 दिसंबर 2019 गुरुवार

जहां देश भर में नागरिकता कानून का विरोध किया जा रहा है, वहीं द्वारका कलेक्टर ने एक पाकिस्तानी महिला को भारतीय नागरिकता का पत्र जारी किया है। जिले के भनवाड़ तालुका के रहने वाले हुसैन अब्बास अली वार्सरिया 1999 में शादी के बाद से पाकिस्तान में रह रहे थे और उन्होंने वहां की नागरिकता हासिल कर ली।

अपने पति की मृत्यु के बाद, एक मुस्लिम महिला ने भारत में रहने की इच्छा व्यक्त की, और हाल ही में परिवर्तित नागरिकता कानून के अनुसार, उन्हें देवभूमि द्वारका के जिला कलेक्टर द्वारा भारतीय नागरिकता पत्र दिया गया। भारतीय नागरिकता पत्र प्राप्त करने वाली मुस्लिम महिला हुसैनबेन ने नागरिकता कानून पर शोध के लिए केंद्र की मोदी सरकार को धन्यवाद दिया।

गुजरात में रहने वाले 10 हजार शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी

केंद्र सरकार द्वारा अपने नागरिकता कानूनों में संशोधन के बाद नागरिकता कानून पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसी स्थिति के विवरण के अनुसार, गुजरात में रहने वाले लगभग 10 हजार पाकिस्तानी शरणार्थियों को इस सुधार के कारण भारतीय नागरिकता मिलेगी! चूंकि गुजरात राज्य भौगोलिक रूप से सीमा से पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है, इसलिए कुछ साल पहले तक पाकिस्तान के नागरिक भी कभी-कभार गुजरात में कभी-कभी मुफ्त में समाजीकरण कर सकते थे। हालांकि, सीमा सुरक्षा बढ़ाने के लिए इस तरह के अवैध भीड़-भाड़ अब बंद हो गए हैं। लेकिन सामाजिक रूप से जुड़े सैकड़ों लोग अब एलटीवी यानी लॉन्ग टर्म वीजा प्राप्त करके गुजरात के विभिन्न शहरों में रह रहे हैं।

अपने परिवार के साथ रहने में सक्षम हो

पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र में स्थित थारपाकर, बादिन, थाटा आदि में गुजराती हिंदू समुदाय की बड़ी आबादी है। बेशक, ये लोग वहां अल्पमत में आते हैं। इनमें लोहाना, कोली, माहेश्वरी और सोढा शामिल हैं। ये लोग भारत, गुजरात में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए LTV (लॉन्ग टर्म वीजा) लेकर आते हैं। इस वीजा के अनुसार वे कुछ शर्तों के तहत लंबे समय तक भारत में अपने परिवार के साथ रह सकते हैं। इस पाकिस्तानी राष्ट्रीयता के लोगों को जाने से मना किया जाता है, खासकर उन इलाकों में जहां सीमा को अधिसूचित किया जाता है।

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