इस्लामाबाद, 22 दिसंबर, 2019 रविवार
दुनिया में आतंकवाद के वित्त और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली संस्था फाइनेंस एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान से 150 सवाल पूछे हैं।
सबसे बड़े सवाल इमरान खान की आतंकवाद पर सरकार की कार्रवाई से संबंधित हैं, जिसका जवाब पाकिस्तान द्वारा 8 जनवरी को दिया जाना है।
FATF पाकिस्तान अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहा है कि जो आतंकवादी संगठनों से संबंधित हैं उन्हें अदालत में दोषी ठहराया जाए।
इस वैश्विक संगठन ने पाकिस्तान में चल रहे मदरसों को साफ करने के लिए की गई कानूनी कार्रवाई पर भी विस्तृत जानकारी मांगी है।
पाकिस्तान के वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने 7 दिसंबर को एफएटीएफ के सवालों के 22 जवाब दिए, एफएटीएफ ने एक ही जवाब पर 150 और सवाल पूछे, अब पाकिस्तान को मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्त पर नए सवालों के जवाब देने होंगे।
एफएटीएफ पाकिस्तान को यह भी बताएगा कि 7 दिसंबर को पाकिस्तान को सौंपी गई एक संकलन रिपोर्ट में सीमा पार अवैध धन की तस्करी को रोकने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं।
इसमें संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी समूहों और अदालत की सजा पर ईरानी सरकार के कार्यों की विस्तृत जानकारी भी शामिल थी।
अगली बैठक में पाकिस्तान को काली सूची में डाला जा सकता है
एफएटीएफ की बैठक अगले साल फरवरी में होने वाली है। यह भी तय करेगा कि पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट किया जाए, जिसे पिछले साल फरवरी में ग्रे लिस्ट में रखा गया था।
पाकिस्तान को उम्मीद है कि अगली बैठक में उसे ब्लैकलिस्ट करने के अपने फैसले से बचा जा सकेगा और एक नया मुद्दा जून 2020 तक मिल जाएगा।
हालांकि, एफएटीएफ ने पिछली बैठक में पाकिस्तान की कड़ी निंदा की कि अगर उसे तय समय सीमा के भीतर धन शोधन और आतंकवाद विरोधी वित्तपोषण के 27 बिंदुओं में से 22 पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
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