
मनीला, ता। 13 जनवरी, 2020, सोमवार
फिलीपींस की राजधानी मनीला से लगभग 110 किमी दूर ज्वालामुखी फट गया। इसकी लौ को 1600 फीट ऊंचा उठाया गया था और केवल राख का एक बादल 50 हजार फीट की ऊंचाई तक कवर किया गया था। ज्वालामुखी फटने के बाद पूरे इलाके को खाली करा लिया गया था। 20 से अधिक लोगों को तुरंत बाहर निकाला गया।
ताल नामक एक ज्वालामुखी फिलीपींस में सक्रिय था। इससे निकलने वाले लावा ने खतरनाक रूप धारण कर लिया और इसकी लपटें 1600 फीट ऊंची हो गईं। आकाश में 50 हजार फीट तक ज्वालामुखीय राख का एक बादल छा गया था।
यह आग फिलीपींस की राजधानी मनीला पहुंच गई। ज्वालामुखी की राख, जो राजधानी से 110 किमी दूर थी, मनीला पहुंच गई।
क्षेत्र से गुजरने वाली 250 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। झील के पास ज्वालामुखी विस्फोट से मौसम के गंभीर प्रभाव थे। बादलों में गड़गड़ाहट और बिजली महसूस की गई। इसके अलावा, लगभग 75 छोटे भूकंपों का अनुभव किया गया था।
ज्वालामुखी का लावा 10-15 किमी की दूरी तक फैला है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ज्वालामुखी अभी विस्फोट करना शुरू कर रहा है और इसके प्रभाव तेज हो सकते हैं। ऐसा होने पर पूरी झील लावा से भर जाएगी और इस वजह से झील में पानी सुनामी लहर की तरह उठ जाएगा।
ताल दुनिया के सबसे छोटे ज्वालामुखियों में से एक है। यह फिलीपींस का दूसरा सबसे सक्रिय ज्वालामुखी है। वैज्ञानिकों का दावा है कि पिछले 450 सालों में ज्वालामुखी में 34 बार विस्फोट हुआ है। आखिरी बार इस ज्वालामुखी में 1977 में विस्फोट हुआ था।
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