
न्यूयॉर्क, ता। 7 जनवरी, 2020, मंगलवार
भारत की दो महिला वकीलों को मूल रूप से न्यूयॉर्क शहर की एक अदालत में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। न्यूयॉर्क शहर के मेयर बिल डी ब्लासियो ने नियुक्ति की। दोनों महिलाओं को आपराधिक अदालत और सिविल कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
इनमें से अर्चनाराव नाम की विधिवेत्ता को आपराधिक अदालत बनाया गया है जबकि दीपा अंबेकर को दीवानी न्यायालय में न्यायाधीश बनाया गया है। राव को इससे पहले जनवरी 2019 में दिवाली अदालत का अंतरिम न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। आर्ची राव 17 साल से न्यूयॉर्क काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ऑफिस में हैं।
एक और विधायक दीपा अंबेकर को मई 2018 में दिवाली अदालत में अंतरिम न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। मेयर डी ब्लासियो ने फैमिली कोर्ट, क्रिमिनल कोर्ट और सिविल कोर्ट में 28 न्यायिक नियुक्तियां की हैं। जो 1 जनवरी से लागू हो गया है।
न्यायाधीश अर्चना राव ने अमेरिका के वित्तीय धोखाधड़ी ब्यूरो के प्रमुख के रूप में भी काम किया है। वासर कॉलेज से स्नातक राव, फोर्डम यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ लॉ से ज्यूरिस डॉक्टर की डिग्री प्राप्त करते हैं। दीपा अम्बेकर इससे पहले न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में एक वरिष्ठ कानून परामर्शदाता और सार्वजनिक सुरक्षा समिति की वकील रह चुकी हैं।
वह संयुक्त राज्य की कानूनी सहायता समिति और आपराधिक रक्षा विभाग में एक कर्मचारी वकील भी थे। दीपा मिशिगन के अम्बेकर विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। और ज्यूरिस रटगर्स लॉ स्कूल के एक डॉक्टर हैं।
मेयर ने नियुक्ति के बाद कहा कि उपर्युक्त पेशेवर गर्व से न्यूयॉर्क का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये लोग यह सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम करते रहेंगे कि न्यायिक मामले क्षितिज से रहित हों। इस समुदाय की सेवा यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि हम सभी के लिए एक सुंदर समाज का निर्माण कर रहे हैं।
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