
दागस, ता। 30 जनवरी, 2020, गुरुवार
स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रही विश्व आर्थिक मंच की बैठक से भारत के लिए अच्छी खबर आई है। बैंक ऑफ अमेरिका के चेयरमैन ब्रायन मोयनिहान ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की जड़ें मजबूत हैं और भारत में अभी विकास के सबसे बड़े अवसर हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में पूरी दुनिया की औसत आर्थिक विकास दर 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जबकि अमेरिका की विकास दर 1.7 प्रतिशत के बराबर रहेगी। लेकिन भारत दोनों से आगे निकल जाएगा।
भारत की अर्थव्यवस्था की गति धीमी होने की रिपोर्टें सभी प्रकार के संस्थानों से आ रही हैं - स्थानीय और विदेशी। इस बीच, यह होनहार बयान रिज़र्व बैंक ऑफ़ अमेरिका के अध्यक्ष का आया।
उन्होंने कहा कि भारत में एक बड़ी आबादी है, साथ ही प्रतिभाशाली लोगों की एक बड़ी सेना भी है। बड़ा बाजार है। इसलिए यदि भारत सही दिशा में प्रयास करता है, तो कोई भी अपनी अर्थव्यवस्था को दुनिया से आगे निकलने से नहीं रोक सकता है। बैंक ऑफ अमेरिका के अध्यक्ष का यह बयान महत्वपूर्ण है।
चूंकि वे दुनिया के सबसे बड़े केंद्रीय बैंक का संचालन करते हैं। इतना ही नहीं, उनके पास 2 लाख से अधिक कर्मचारी हैं। बैंक के अध्यक्ष को इन कर्मचारियों से दुनिया की आर्थिक स्थिति, निवेशक मानसिकता, अर्थव्यवस्था में रुझान आदि के बारे में सटीक जानकारी मिल रही है। उनकी एक टीम विशेष रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था पर काम करती है।
भारत दुनिया के लिए सबसे बड़ा बाजार है, साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का हिस्सा भी है। इसलिए ब्रायन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत रखना भारत के अलावा पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद है। धीमी विकास दर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि विकास की गति धीमी होने की स्थिति बनी रहेगी। सभी को सीखना था कि इससे बाहर क्यों निकलना है।
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