वाशिंगटन, ता। 4 जनवरी, 2020, शनिवार
अब संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर जनरल सुलेमानी को तबाह कर दिया था, जब वह नशे में धुत था।
अमेरिका ने हमले को अंजाम देने के लिए MQ-9 रीपर नामक ड्रोन का इस्तेमाल किया। ये बेहद उच्च तकनीक वाले ड्रोन हैं और हथियार ले जा सकते हैं। यह ड्रोन हवाई हमलों के साथ-साथ जासूसी भी कर सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने इस ड्रोन का इस्तेमाल किया है। अतीत में, अमेरिका ने इस घातक हथियार के साथ प्रयोग किया है।
रीपर नाम का यह ड्रोन 1701 किलोग्राम तक के हथियार ले जा सकता है। यह अधिकतम 50000 फीट तक उड़ सकता है। 2 पायलट जमीन पर बैठ गया और रिमोट से संचालित हुआ। इसके साथ ही, सेंसर ऑपरेटर ड्रोन को संचालित करने में भी उनकी मदद करता है।
ड्रोन चार लेजर-निर्देशित हेलफायर मिसाइलों से सुसज्जित है। साथ ही हाई-टेक कैमरा, सेंसर और ड्रोन सिस्टम से लैस है। प्रत्येक ड्रोन की कीमत 3.65 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। यह 1800 किलोमीटर तक लगातार उड़ान भर सकता है।
वह 2007 से अमेरिकी वायु सेना के साथ शामिल है। इसका वजन लगभग 2000 किलोग्राम है। यह 368 किमी प्रति घंटे की तेज उड़ान भर सकता है। सितंबर 2015 के आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका के पास इस तरह के 93 ड्रोन थे। तब तक और अधिक अमेरिकी ड्रोन होने की संभावना है। प्रत्येक ड्रोन 66 फीट चौड़ा और 36 फीट लंबा है।
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