इस्लामाबाद, ता। 3 फरवरी 2020, सोमवार
पाकिस्तान में महंगाई बेकाबू हो गई है। जनवरी में मुद्रास्फीति ने पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मुद्रास्फीति बढ़कर 14.6 प्रतिशत हो गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मुद्रास्फीति की इतनी उच्च दर वर्ष 2007-08 में पहले 17% तक पहुंच गई थी।
पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। दिसंबर 2019 में महंगाई दर 12.6 प्रतिशत थी। इस दर के आधार पर, यह स्पष्ट है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतें आसमान पर पहुंचने के कारण मुद्रास्फीति में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से, खाद्य पदार्थों जैसे गेहूं का आटा, दाल, चीनी, गुड़ और खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति बढ़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं, विशेष रूप से फलों और सब्जियों की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत मौजूदा वर्ष 2013 के मुकाबले अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
मुद्रास्फीति के आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में खाद्य पदार्थ जनवरी में 19.5 प्रतिशत अधिक महंगे हो गए। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 23.8 प्रतिशत है। टमाटर 158 प्रतिशत, प्याज 125 प्रतिशत, ताज़ी सब्जियाँ 93 प्रतिशत, आलू 87 प्रतिशत, चीनी 86 प्रतिशत और आटा 24 प्रतिशत महंगा हो गया।
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