लंदन, टा -14 फरवरी 2020, शुक्रवार
हैदराबाद के निज़ाम के खजाने से जुड़े 70 साल पुराने मामले में आखिरकार फैसला भारतीय पक्ष में आ गया है और पाकिस्तान भी इस मोर्चे पर हार गया है।
लंदन में चल रहे मामले पर एक अंग्रेजी अखबार के उद्धरण के अनुसार, भारत को मुकदमा जीतने से 325 करोड़ रुपये मिले। यह राशि 20 सितंबर, 1948 से लंदन में है
बैंक खाते में रखा गया था। जिस पर पाकिस्तान भी दावा कर रहा था।
पिछले साल, उच्च न्यायालय ने भारत और हैदराबाद के आठवें निजाम के पक्ष में इस मामले में फैसला सुनाया। निजा मुकर्रम शाह और उनके छोटे भाई मुफ्खम जाह ने पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ी
रहे थे। बैंक ने पहले ही अदालत में धन हस्तांतरित कर दिया था।
अधिकारियों ने कहा कि 325 करोड़ रुपये भारत को पहले ही मिल चुके हैं, लेकिन 65 प्रतिशत मामले लड़ने की लागत यानी 26 करोड़ रुपये का भुगतान पाकिस्तान ने भारत को किया था।
गिर गए हैं। शेष 35 प्रतिशत धनराशि के लिए भी बातचीत चल रही है जिसका भुगतान भारत ने किया है।
70 साल पुराने विवाद का मूल्य £ 10m है। यह पैसा हैदराबाद राज्य के तत्कालीन वित्त मंत्री द्वारा ब्रिटेन में पाकिस्तान उच्चायोग को हस्तांतरित किया गया था। फिर यह
राशि बढ़कर 35 मी पाउंड हो गई थी। भारत ने यह कहकर राशि का दावा किया कि निज़ाम ने 1965 में भारत को धन दिया था।
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