
नई दिल्ली, 12 मार्च 2020, गुरुवार
जापान का हिरोशिमा दुनिया का पहला ऐसा शहर था जिसके पास परमाणु बम गिरा था। यह घटना 1945 में हुई थी। अमेरिका द्वारा बम गिराया गया था। लेकिन इस शहर में एक जगह पर इंसान की तरह दिखने वाली परछाई आज भी वही रहस्य बनी हुई है। कोई नहीं जान सकता कि यह छाया कौन है।
इस छाया को हिरोशिमा स्टेप्स शैडो के नाम से भी जाना जाता है। हिरोशिमा पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हमला होने पर लाखों लोग मारे गए थे। इस छाया चित्र पर क्लिक किया गया था। छवि को 850 फुट की रस्सी से क्लिक किया गया था जहां एक व्यक्ति बैठा था।
ऐसा कहा जाता है कि परमाणु बम की शक्ति ने व्यक्ति को नष्ट कर दिया, लेकिन अपनी छाया को नहीं हटा सका। यह छाया चित्र में कैसे कैद हुई और वह व्यक्ति कौन था यह आज तक एक रहस्य बना हुआ है।
एक अनुमान के मुताबिक, हिरोशिमा परमाणु विस्फोट में 1 लाख 40 हजार लोग मारे गए थे। घातक ऊर्जा चली गई थी और 60 से 80 हजार लोग उस गर्मी के कारण मर गए थे। जबकि अन्य की मौत प्रकोप के कारण हुई।
बम का नाम लिटिल बॉय था। जिसका वजन 4400 किलोग्राम है। बम के जमीन से टकराने के बाद गर्मी बढ़कर 4000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गई। यहां तक कि यह कल्पना करने में डर लगता है कि एक आदमी द्वारा 50 डिग्री का तापमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, 4000 डिग्री का तापमान एक आदमी को बिना जलाए जला सकता है।
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