
नई दिल्ली, 26 मार्च 2020, गुरुवार
कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर के लोगों को खतरा है। हालांकि, ताजा राहत की खबर यह है कि कोरोना वायरस वैक्सीन संयुक्त राज्य अमेरिका में तैयार है। वैज्ञानिकों की एक टीम ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाई है। वैक्सीन का परीक्षण चार देशों में किया गया था, जिसमें उत्कृष्ट परिणाम थे। अब अमेरिकी सरकार थोड़े समय में इसके उपयोग की अनुमति दे सकती है।
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के संयोजन के साथ एक नया टीका विकसित किया है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने वैक्सीन परीक्षण को मंजूरी दी। चीन, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और संयुक्त राज्य अमेरिका में परीक्षण सफल रहा है। जिन मरीजों को वैक्सीन दी गई, उनके सकारात्मक परिणाम सामने आए।
अमेरिका में वैज्ञानिकों का कहना है कि वैक्सीन से कोरोना वायरस को खत्म करने में मदद मिलेगी। हालांकि, एफडीए को किसी भी वैक्सीन को मंजूरी देने की प्रक्रिया में लंबा समय लगता है। लेकिन अब जब कोरोना एक वैश्विक चुनौती बन गया है, तो कुछ दिनों के भीतर इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। वैज्ञानिकों का कहना है कि टीके ने भी सार्स को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस बार इसे कोरोना वायरस के आनुवंशिक कोड के अनुसार संशोधित किया गया है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस सार्स रोग का सबसे खराब रूप है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर एडीए वैक्सीन को मंजूरी देता है, तो भारत भी तुरंत इसके लिए कॉल करेगा और इसका उपयोग शुरू कर देगा। यद्यपि भारत में अनुमोदन प्रक्रिया में भी समय लगेगा, लेकिन इस प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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