
नई दिल्ली, 12 मार्च 2020, गुरुवार
इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के बारे में सभी जानते हैं। यह एक ऐसी एजेंसी है जो बड़े आतंकवादी संगठनों के साथ-साथ भयभीत है। मोसाद ख़ुफ़िया एजेंसी की ख़ुफ़िया एजेंसी दुनिया भर में ऐसे ऑपरेशनों को पार करती है जो असंभव हैं। यही कारण है कि मोसाद को दुनिया की सबसे खतरनाक एजेंसी माना जाता है।
मोसाद का मुख्यालय इज़राइल के तेल अवीव में है। इसका गठन 13 दिसंबर, 1949 को समन्वय के लिए केंद्रीय संस्थान के रूप में किया गया था। यह इज़राइल की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी है जैसा कि भारत में है।
मोसाद के बारे में कहा जाता है कि वह अपने दुश्मनों को दुनिया के हर कोने से ढूंढता है। उन्होंने ऐसे कई ऑपरेशन पास किए हैं। एजेंसी के जासूस दूसरे देश गए और अपने दुश्मनों को मार डाला।
मोसाद युगांडा में एक खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम देता है। उसका नाम ऑपरेशन एंटेबे था। जिसमें उन्होंने बिना अनुमति के 1976 में युगांडा के हवाई अड्डे में प्रवेश किया और आतंकवादियों को मारकर 54 इजरायली नागरिकों को मुक्त कराया।
इस एजेंसी के जासूसों में से एक एली कोहेन भी थीं जो दुनिया भर में मशहूर हैं। उन्हें व्यापक रूप से इज़राइल में सबसे बहादुर और सबसे साहसी जासूसों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि वह रक्षा मंत्री बनने के लिए सीरिया गए थे। लेकिन उसकी एक गलती के कारण वह पकड़ा गया। हालांकि, उन्हें फांसी दे दी गई थी।
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