नए शोध के अनुसार कोरोना वायरस हवा में तीन घंटे तक रह सकता है


नई दिल्ली, ता। 23

कोरोना वायरस अब इतने खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है कि दुनिया भर के वैज्ञानिक और डॉक्टर इसे रोकने के तरीके तलाश रहे हैं। वैज्ञानिकों को पता चल रहा है कि कोरोना वायरस कितनी देर तक हवा और किसी भी चीज पर जीवित रह सकता है।

अमेरिकी विश्वविद्यालयों की विभिन्न प्रयोगशालाओं से जुड़े वैज्ञानिकों ने अपने प्रयोगों में पाया है कि SARS-Cove-1 वायरस हवा में लगभग तीन घंटे तक जीवित रह सकता है।

प्रारंभ में, वायरस संक्रमण की चपेट में था। अब तक यह माना जाता था कि वायरस हवा में जीवित रहने में सक्षम नहीं था। इसके लिए, हवा के माध्यम से लोगों को स्थानांतरित करने का खतरा वांछनीय माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

अध्ययन में पाया गया कि वायरस हवा में तीन घंटे तक जीवित रह सकता है। अध्ययन से पता चला कि SARS-Cove-1 वायरस वैज्ञानिकों के परिणामों के आधार पर हवा में मौजूद है। इस मामले में, कोई भी हवा में मौजूद वायरस से संक्रमित हो सकता है।

कोरोना वायरस कार्ड बोर्ड पर दो दिन तक रहता है, एक दिन कागज पर और 3 दिन प्लास्टिक पर और दो दिन स्टील पर रहता है। इसके अलावा, तांबा उत्पादों पर वायरस चार घंटे तक रह सकता है।

यह उल्लेखनीय है कि तांबा, स्टील, कार्ड बोर्ड और प्लास्टिक ऐसी चीजें हैं जिनका उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में घर और कार्यालय में करते हैं।

इससे पहले, द जर्नल ऑफ़ हॉस्पिटल इन्फेक्शन ने फरवरी में एक सर्वेक्षण किया और वायरस के अनुसार, वायरस में विभिन्न सामग्रियों जैसे धातु, कागज, कांच, प्लास्टिक और लकड़ी की सतह पर दो से नौ दिनों तक जीवित रहने की क्षमता होती है।


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