अमेरिका और चीन के बीच एक शाब्दिक युद्ध, डोनाल्ड ट्रम्प कोरोना को 'चीनी वायरस' बताता है

वाशिंगटन / बीजिंग, ता। 18 मार्च 2020, बुधवार

पूरी दुनिया एक ओर कोरोना वायरस से लड़ रही है, अमेरिका और चीन के बीच कोरोना पर शाब्दिक युद्ध चल रहा है। कोरोना कहां तक ​​फैला है, और इसके लिए कौन जिम्मेदार है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी इस तरह के आरोपों पर कूद पड़े हैं। ट्रम्प ने भी मंगलवार को ट्वीट किया, कहा कि कोरोना एक "चीनी वायरस" था। इसलिए चीन ने ट्रम्प के आरोप पर कड़ी आपत्ति जताई।

कोरोना वायरस को चीनी वायरस कहे जाने वाले विवादास्पद छत्ते के बाद ट्रम्प ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन अपने ट्वीट में चीनी वायरस शब्द का इस्तेमाल किया। चीन के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में बताते हुए ट्रम्प के बयान पर कड़ा रुख अपनाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका को चीन को विभाजित करने से पहले अपने काम को देखना चाहिए। वुहान में कोरोना का पहला मामला सामने आया था, लेकिन चीन का विदेश मंत्रालय अमेरिका को दोष दे रहा है।

चीन में कोरोना वायरस के लिए अमेरिकी सेना जिम्मेदार
चीन ने इस घटना के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। चीन ने अमेरिकी सरकार पर आरोप लगाया है और कहा है कि उन्होंने वुहान में कोरोना वायरस फैलाया था। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने ट्वीट किया कि वुहान में कोरोना वायरस फैलने के पीछे अमेरिकी सेना का हाथ हो सकता है। अमेरिका को इस मामले में अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उन्हें पारदर्शिता दिखानी चाहिए।

अमेरिका ने यह भी कहा कि हमारे लोग भी मारे गए
इस तरफ, संयुक्त राज्य अमेरिका ने यह कहते हुए बचाव किया कि हमारे लोग भी मारे गए और इसके पीछे चीन था। हालांकि, चीन ने कहा कि अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि यह पंजीकृत होने वाला पहला कोरोना मामला था। चीन इस संबंध में अमेरिका की तुलना में अधिक पारदर्शी है। अमेरिका ने कोरोना वायरस के प्रकोप के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया और प्रतिक्रिया तब से चीन की है।

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