कोरोना के कारण करीब 150 मिलियन छात्रों की शिक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है


(PTI) नई दिल्ली, ता। 22

यूनेस्को के अनुसार, दुनिया भर के स्कूलों के बंद होने से 150 मिलियन छात्रों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई है। यूनेस्को ने आगे कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने से महिला छात्रों पर सबसे गंभीर प्रभाव पड़ेगा क्योंकि महामारी के कारण स्कूल छोड़ने वाली लड़कियों की संख्या बढ़ जाएगी।

शिक्षा के लिए यूनेस्को की सहायक महानिदेशक स्टीफेन गियनिनी ने एक साक्षात्कार में कहा कि कोरोना के कारण स्कूलों को बंद करने से छात्रों के ड्रॉप आउट अनुपात में वृद्धि होगी। यह महिला छात्रों के ड्रॉप आउट को भी बढ़ाएगा। शिक्षा में लिंग भेद को व्यापक बनाया जाएगा। यौन शोषण, समय से पहले गर्भधारण और समय से पहले शादी की घटनाएं बढ़ेंगी।

उन्होंने एक फोन साक्षात्कार में कहा कि 5 प्रतिशत छात्र कोरोना के कारण स्कूल नहीं जा रहे थे। मतलब करीब 15 छात्र स्कूल नहीं जा रहे हैं। जिसमें 3 करोड़ छात्र भी शामिल होते हैं। जिनमें से 11 करोड़ छात्र पिछड़े देशों से हैं और स्कूल जाकर शिक्षा प्राप्त करना इन छात्रों के लिए एक चुनौती है।

जियानिनी के अनुसार, शरणार्थी शिविरों में रहने वाले आंतरिक रूप से विस्थापित किशोरों के लिए स्कूलों को बंद करना सबसे विनाशकारी है। हम विश्व के देशों की सरकारों से अपील करते हैं कि वे इस बात का विशेष ध्यान रखें कि महिला छात्रों का ड्रॉप आउट अनुपात न बढ़ाया जाए।

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने नीति निर्माताओं से अपील की है कि


टिप्पणियाँ

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *