इस्लामाबाद, ता। 18 अप्रैल 2020, शनिवार
एलाइड चीन की तरह पाकिस्तानी सरकार को भी कोरोना की मौत का सही आंकड़ा छिपाने का संदेह है। द ट्रिब्यून के प्रमुख अखबार के अनुसार, द ट्रिब्यून की रिपोर्ट है कि अकेले कराची में 49 दिनों में 3,265 शवों को दफनाया गया है। गुरुवार को सरकारी आंकड़ों से प्राप्त आंकड़े कराची शहर के केवल 30 कब्रिस्तानों के हैं। यह पता चला है कि अधिकांश लोगों की मृत्यु का कारण छिपा हुआ है या इस पर कोई परीक्षण नहीं किया गया है।
पाकिस्तान में 7,400 से अधिक कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं और 143 लोगों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। वास्तव में, कुछ पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट कर रहे हैं कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान में कोरोना के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, लेकिन सरकार इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। यदि वास्तव में मृत्यु का कारण और मृत्यु का कारण छुपाया जा रहा है, तो यह बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।
कराची के सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, साल के पहले तीन महीनों में 10,791 मरीजों को आपातकाल में लाया गया और उनमें से 121 की रास्ते में ही मौत हो गई। किसी भी मरीज की मौत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है और उनके परीक्षण नहीं किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल ने उनकी मौत के कारण की जांच करने से भी परहेज किया कि उन्हें कोविद -19 की मौत नहीं हुई। दूसरी ओर, इमरान खान की सरकार भी मौलवी पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही है जो इस आदेश का उल्लंघन करते हैं कि लोगों को मस्जिदों में इकट्ठा नहीं होना चाहिए।
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