कोरोना संकट: देश भारत से मदद मांग रहा है, 400 मिलियन मुद्रा बदलने के लिए तैयार


कोलंबो, टा। 25 अप्रैल 2020 को शनिवार है

कोरोना संकट से विश्व अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। इससे भारत के पड़ोसी श्रीलंका भी प्रभावित हुए हैं। श्रीलंका सरकार स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके तहत अब विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। यही कारण है कि भारतीय रिजर्व बैंक के साथ श्रीलंका सरकार 400 मिलियन मुद्रा विनिमय समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रही है।

श्रीलंका को इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी?

श्रीलंका के सूचना और संचार मंत्री बंदुला गुनवर्धन ने यह जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधान मंत्री महिंदा राजपक्षे द्वारा प्रस्तुत रिजर्व बैंक के साथ वित्तीय सुविधा समझौते के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे देश को अपनी अल्पकालिक अंतर्राष्ट्रीय नकदी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। गुनवर्धन ने कहा कि श्रीलंका रिजर्व बैंक के साथ 40 मिलियन डॉलर की मुद्रा विनिमय समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करना था, यह देखते हुए कि व्यापार भुगतान करते समय, दोनों देशों ने मुद्रा विनिमय समझौते में प्रवेश करने का फैसला किया है।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति

इस बीच, रिजर्व बैंक ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर आंकड़े जारी किए हैं। तदनुसार, 17 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के लिए, विदेशी मुद्रा भंडार 3. 3.09 बिलियन बढ़कर 9 479.57 बिलियन हो गया। पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 8 1.81 बिलियन से बढ़कर 47 476.47 बिलियन हो गया है। वहीं, 6 मार्च को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.69 बिलियन से 48 487.23 बिलियन हो गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

62 बिलियन की वृद्धि

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वर्ष 2020-21 के दौरान लगभग 62 बिलियन की वृद्धि हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार (विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा हिस्सा) 5 1.55 बिलियन बढ़कर 44 441.88 बिलियन हो गया। इस अवधि में स्वर्ण भंडार 4 1.54 बिलियन बढ़कर 32 32.68 बिलियन हो गया।

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