- उत्तरी ध्रुव के आकाश में पहली बार ओजोन स्तर पर चिंता बढ़ रही थी
लंदन, टा। 9 अप्रैल 2020, गुरुवार
अंटार्कटिका में ओजोन के स्तर में लगातार गिरावट की खबरें हैं। उपग्रह डेटा पर यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की रिपोर्ट क्या चौंकाती है। क्योंकि वैज्ञानिकों का दावा है कि अंटार्कटिका के आकाश में एक नया अंतर भी खोजा गया है।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कोपर्निक्स प्रहरी ए-पी उपग्रह डेटा का अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि अंटार्कटिका में ओजोन गैस का स्तर नाटकीय रूप से बढ़ा है। उत्तरी ध्रुव के आकाश में आकाश में एक बड़ा अंतराल देखा गया था। अनुमान है कि आकाश 1 मिलियन वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में ढह गया है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय उथल-पुथल का कारण लगातार बदलते परिवेश है। जलवायु परिवर्तन के कारण इस विकार का अनुमान लगाया गया है। इससे पहले, अंटार्कटिका के आसमान में कई आसमान देखे गए थे। फिर ऐसी खबरें आती हैं कि किसी समय यह घट रही है। पिछले एक से दो वर्षों में अंटार्कटिका में सुधार हुआ है।
हमारे वातावरण के निचले हिस्से में बड़ी मात्रा में ओजोन पाया जाता है। इसे ओजोन परत भी कहा जाता है। इस ओजोन से सौर विकिरण निकलता है। यदि ओजोन परत से विकिरण नहीं चल रहा है और सीधे मानव शरीर को छूता है, तो त्वचा और नेत्र रोग बढ़ सकते हैं। विशेष रूप से, त्वचा के कैंसर के विकास की संभावना अधिक होती है। ओजोन परत मानव शरीर की रक्षा करती है। अगर यह उलझ गया तो पृथ्वी खतरे में पड़ सकती है।
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