
टोक्यो, ता। 16 अप्रैल, 2020, गुरुवार
कोरोना वायरस महामारी पर एक रिपोर्ट के कारण जापान की शिंजो आबे सरकार की नींद रुकी हुई है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि अगर सरकार ने कड़े कदम नहीं उठाए तो चार लाख लोग मारे जा सकते हैं। प्रधानमंत्री शिंजो आबे देश में तेजी से बढ़ते कोरोना को देखते हुए देश भर में राष्ट्रीय संकट की घोषणा करने की योजना पर काम कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमण जापान में तेजी से फैल रहा है और अब तक 8,626 मामले सामने आए हैं। प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने टोक्यो, ओसाका और पांच अन्य प्रांतों में आपातकाल की स्थिति घोषित की है, जिसमें देश भर में 178 लोगों की मौत और तेजी से संक्रमण हुआ है।
जापानी कानून के अनुसार, आपातकाल के दौरान किसी भी व्यवसाय को बंद करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। हालांकि, कई कंपनियों ने जानबूझकर होम पॉलिसी से काम चालू कर दिया है। वर्तमान में, केवल जो जापान में कोरोना वायरस के संपर्क में हैं, उनकी जांच की जा रही है। इस बीच, सरकारी सूत्रों की रिपोर्ट है कि अगर कोई कठोर उपाय नहीं किया गया तो चार लाख लोग मारे जा सकते हैं। रिपोर्ट का अनुमान है कि 8.5 मिलियन लोगों को वेंटिलेटर की आवश्यकता होगी। जापान में टोक्यो और ओसाका को छोड़कर, साइतामा, कागावा, चिबा, होग्यो और फुकुओका प्रांतों में आपातकाल लागू किया जा रहा है।
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