अगर अमेरिका तक पहुंचना है तो चीन को 1,000 परमाणु हथियारों की आवश्यकता होगी


नई दिल्ली, 9 मई, 2020

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच अमेरिका और चीन के बीच तनाव अब दक्षिण चीन सागर तक पहुंच गया है।

जैसा कि दोनों देशों की नौसेनाएं समुद्री मोर्चे पर आमने सामने हैं, चीनी विशेषज्ञों ने चीनी सरकार को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका के साथ काम करना है तो चीन को अपने परमाणु शस्त्रागार को 1,000 तक बढ़ाना होगा।

चीनी राज्य मीडिया द्वारा विशेषज्ञों के हवाले से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका दक्षिण चीन सागर, पूर्वी चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य तक सभी प्रकार के युद्धपोत और लड़ाकू जेट भेजकर चीन पर दबाव बढ़ा रहा है। ।

विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण चीन सागर में चीन को रोकने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका युद्धपोतों पर सबसे घातक टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों को तैनात करने जा रहा है। रूजवेल्ट ने क्षेत्र में युद्ध खेल भी आयोजित किए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका अब युद्ध के मैदान पर परमाणु हथियार तैनात कर सकता है, और चीन को उनसे मिलने के लिए अपने परमाणु शस्त्रागार को बढ़ाना होगा।

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