अमेरिकी कंपनियां एच -1 बी वीजा धारकों को बाजार की रिपोर्ट से कम भुगतान करती हैं


(PTI) वाशिंगटन, ता। 6

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका में फेसबुक, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज टेक कंपनियां बाजार मूल्य से कम पर यूएस एच -1 बी वीजा धारकों का भुगतान करती हैं।

H-1B एक गैर-आप्रवासी वीजा है और अमेरिकी कंपनियों को भारत और चीन जैसे देशों से विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने की अनुमति देता है।

वर्तमान में, संयुक्त राज्य अमेरिका में एच -1 बी वीजा पर आधा मिलियन प्रवासी कामगार कार्यरत हैं। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक पॉलिसी द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में एच -1 बी वीजा पर नियुक्त शीर्ष कंपनियों में अमेज़ॅन, माइक्रोसॉफ्ट, वॉलमार्ट, Google, ऐप्पल और फेसबुक शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी कंपनियां H-1B वीजा धारकों को बाजार मूल्य से कम भुगतान करती हैं।

एच -1 बी वीजा और विशेषाधिकार प्राप्त गति के स्तर पर डैनियल कोस्टा और रॉन हीरा द्वारा लिखी गई रिपोर्ट के अनुसार, एच -1 बी वीजा धारकों में से 60 प्रतिशत को बाजार मूल्य से कम भुगतान किया जाता है।

2015 में, 5,000 कर्मचारियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका में H-1B वीजा धारकों को नियुक्त किया। Amazon, Google, Microsoft, Apple, Colcom, Salesforce और Uber जैसी प्रमुख कंपनियां सीधे H-1B वीजा धारकों की भर्ती कर रही हैं।


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