- आतंकवादियों ने अस्पताल में पड़ी माताओं और बच्चों की तलाश करते हुए गोलियां चलाईं: डॉक्टर्स रिवील
काबुल, ता। 16 मई 2020, शनिवार
अफगानिस्तान के काबुल के शिया-बहुमत वाले इलाके में आतंकवादी हमले से मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। अफगान सरकार ने हमले के लिए तालिबान को दोषी ठहराया है, लेकिन अमेरिका ने कहा है कि हमले को आईएस ने अंजाम दिया और शिया मुसलमानों को निशाना बनाया। यह हमला एक प्रसूति गृह में हुआ, जिसमें उस समय 100 से अधिक महिलाएं और कई बच्चे मौजूद थे।
हमले में मारे गए लोगों में ज्यादातर शिया मुस्लिम महिलाएं और बच्चे थे। हाल ही में यहाँ पैदा हुए बच्चों को भी आतंकवादियों ने निशाना बनाया। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स संगठन के अफगानिस्तान प्रमुख फ्रेडरिक बोनोट ने इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आतंकवादियों ने उन माताओं के वार्डों में घुसपैठ की थी जिन्होंने हाल ही में जन्म दिया था और बिस्तर पर पड़ी महिला मरीजों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अस्पताल की दीवारों और फर्श पर खून बिखरा हुआ था। वाहनों में आग लगा दी गई। आतंकी मांओं को मारने आए थे।
जिस क्षेत्र में अस्पताल स्थित है, उसमें अधिकांश शिया मुसलमान और हजारा समुदाय के सदस्य हैं। आईएस पूर्व में कई बार काबुल के शिया-बहुसंख्यक क्षेत्रों को भी निशाना बना चुका है। तालिबान ने हमले से इनकार किया, हालांकि अमेरिका ने कहा है कि आईएस जिम्मेदार था। अमेरिकी सेना के ठिकाने के सामने दोपहर बाद कुछ ही देर में बमबारी हुई। अफगानिस्तान में एक ही दिन में पांच बड़े और छोटे हमले हुए हैं, जिनमें आतंकवादी अस्पतालों और लोगों को निशाना बनाकर अंतिम संस्कार के लिए एकत्र हुए हैं।
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