नई दिल्ली, 24। मई, 2020, रविवार
पाकिस्तान में कोरोना वायरस की संख्या 54601 तक पहुंच गई है। कोरोना वायरस ने 24 घंटे में 36 लोगों की जान ले ली है। देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 1133 तक पहुंच गई है। कम मौत के टोल को लेकर सरकार को कोई चिंता नहीं है। नेशनल कमांड एंड ऑपरेशंस सेंटर (NCOC) हाल ही में पाकिस्तान में स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य कोरोना वायरस का मुकाबला करने के लिए सैन्य नेतृत्व के साथ केंद्र और प्रांतीय सरकारों को साथ लाना था।
पाकिस्तान में विशेषज्ञों और डॉक्टरों का मानना है कि पाकिस्तान में जांच, संक्रमण और मौतों की संख्या में भारी विसंगति है। पाकिस्तान इस कदर तनाव में है कि कुछ दिनों पहले उसने कोरोना संकट को दूर करने के लिए विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक से 2 2 बिलियन का नया ऋण मांगा। यह जी -20 देशों से मांग की गई 1.8 बिलियन से अधिक थी। पाकिस्तान ने ऐसा अपने खजाने को बेहतर बनाने के लिए किया। दस्तावेजों के अनुसार, धन का उपयोग पाकिस्तान द्वारा अर्थव्यवस्था मंत्रालय, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, बाजार स्थिरता आदि के लिए किया जाना था।
लेकिन अब यह पता चला है कि पाकिस्तान बिजली के बिलों का भुगतान करने के लिए कोरोना वायरस सहायता का उपयोग कर रहा है। इमरान खान सरकार ने बिजली दरों को कम करने के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज का भुगतान करने के लिए 10 बिलियन पाकिस्तानी रुपये जारी कर रही है। पाकिस्तान मंत्रिमंडल की आर्थिक समन्वय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। चीनी परियोजनाओं में निवेश के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बिगड़ रही है, इसलिए पाकिस्तान अपने बुनियादी आर्थिक विकास को भूल गया है। पाकिस्तान का सार्वजनिक कर्ज जून तक बढ़कर 37.5 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। जो इसके जीडीपी का लगभग 90 प्रतिशत है। पाकिस्तान आर्थिक बाजारों को विकसित करने के नाम पर एशियाई विकास बैंक से यूएस 300 300 मिलियन उधार लेना चाहता है।
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