
वाशिंगटन, ता। 3 मई 2020, रविवार
जॉनसन कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर के नए शोध में पाया गया है कि सिज़ोफ्रेनिया (मनोभ्रंश का एक रूप) के उपचार में इस्तेमाल होने वाली विकिरण चिकित्सा और एक नया दवा प्रयोग अब ब्रेन ट्यूमर - ग्लियोब्लास्टोमा का इलाज कर सकता है। चिकित्सा वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस नए शोध से ब्रेन ट्यूमर का इलाज किया जा सकेगा।
ग्लियोब्लास्ट में ट्यूमर को बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। कैंसर ट्यूमर उपचार विशेषज्ञ डॉ। फ्रैंक पोजोन्के ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर कोशिकाओं तक पहुंचने के लिए विकिरण और ट्राइफ्लूपारज़ीन नामक दवा का संयोजन किया जा सकता है। साथ ही इस ट्यूमर के मरीज को ठीक किया जा सकता है। रोगी के बीमार होने की संभावना अधिक होती है। इस प्रकार, ऐसे उदाहरण हैं जहां यह केवल 12 से 18 महीनों तक रह सकता है।
इस प्रकार, कैंसर रोगियों का उपचार विकिरण चिकित्सा से किया जाता है, जिसे बहुत प्रभावी भी माना जाता है। हालांकि, कई मामलों में, ग्लियोब्लास्ट में ट्यूमर कोशिकाएं विकिरण चिकित्सा का भी विरोध करती हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में, डॉक्टर रेडियोथेरेपी का भी उपयोग करते हैं। इस प्रकार अकेले trifluoparazine का प्रभाव बहुत कम है। हालांकि, एक ही दवा के साथ विकिरण चिकित्सा का संयोजन वास्तव में बहुत प्रभावी है।
चिकित्सा वैज्ञानिकों ने कुछ चूहों पर ट्राइफ्लुओपरजिन का परीक्षण किया। प्रयोग के दौरान, उन्होंने ब्रेन ट्यूमर के विकास को रोकने के लिए विकिरण चिकित्सा और ट्राइफ्लुओपरजीन को मिलाया। पाया गया कि चूहों को जीवित रहने की 100 प्रतिशत संभावना है।
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