वाशिंगटन, रविवार 17 मई 2020
अमेरिका-चीन संबंध अब तक के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। दोनों देशों के बीच कोरोना वायरस, व्यापार, ताइवान की स्थिति और दक्षिण चीन सागर पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष चल रहा है।
संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच युद्ध के परिणामों के बारे में पेंटागन की एक रिपोर्ट लीक हुई है, जिसमें कहा गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए जीतना आसान नहीं होगा। गिर जायेगा।
अमेरिका के एक रक्षा सूत्र ने टाइम्स को बताया कि अमेरिकी वाहक युद्ध समूह और भारत-प्रशांत क्षेत्र में उसका आधार चीन के आक्रमण पर मिलने की स्थिति में नहीं होगा। यह अमेरिका के सबसे बड़े सामरिक बेस गम के द्वीप पर है जहां से बमवर्षकों को लॉन्च किया जाता है।
सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी वाहक समूह चीनी हमले का विरोध नहीं कर पाएगा और उन्हें भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि चीन के पास लंबी दूरी की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलें और हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं।
प्रशांत महासागर में अमेरिकी युद्धपोत अभ्यास कर रहे हैं। उनकी तस्वीर को यूएस पैसिफिक फ्लीट ने ट्वीट किया था। इस सैन्य अभ्यास में यूएसएस प्रिंसटन, यूएसएस राल्फ जॉनसन और यूएसएस टेरेट शामिल हैं।
उन्होंने निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के प्रशिक्षण के तहत एक लाइव फायर इवेंट में भाग लिया। चीन के साथ तनाव के बीच अमेरिका भी पूरी तैयारी कर रहा है।
विशेषज्ञों ने चीन को सलाह दी है कि अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच उसे दक्षिण चीन सागर में परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ानी चाहिए।
विशेषज्ञों ने एचएल -20 रणनीतिक चुपके बमवर्षक और जेएल -3 पनडुब्बियों को अमेरिकी सैन्य हमलों को रोकने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों को लॉन्च करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें