
(PTI) पेशावर, ता। 2 मई, 2020, शनिवार
पाकिस्तानी सरकार पाकिस्तान में ऋषिकपुर के पैतृक घर को धन की कमी के कारण संग्रहालय में परिवर्तित नहीं कर पाएगी।
पाकिस्तानी सरकार ने ऋषि के अनुरोध पर 2014 में पेशावर के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के किवासा ख्वानी बाज़ार में 'कपूर हवेली' के रूप में जाने वाले ऋषिकपुर की पारंपरिक इमारत को एक संग्रहालय में बदलने का फैसला किया था। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने ऋषिकपुर को आश्वस्त किया।
खैबर पख्तूनख्वा हेरिटेज डिपार्टमेंट ने कहा कि बिल्डिंग को लेकर हेरिटेज डिपार्टमेंट ने एक व्यापक योजना बनाई है। जिसके तहत हवेली के सामने के हिस्से का रखरखाव किया जाना था। यह तय किया गया था कि जब इसके इंटीरियर की मरम्मत की जाएगी, तो इसे फिर से बनाया जाएगा। हालांकि पैसे की कमी के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी। एम हेरिटेज विभाग के सूत्रों ने जोड़ा।
14 जुलाई को सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के आने के बाद संघीय मंत्री शेहिरर अफरीदी ने कपूर हवेली को संग्रहालय का दर्जा देने का वादा किया था। हालांकि, लगभग दो साल बाद, इस मामले पर कोई घोषणा नहीं की गई है।
हवेली वर्तमान में एक निजी पार्टी के स्वामित्व में है। जिन्होंने इमारत को गिराने के लिए अतीत में तीन या चार प्रयास किए थे। लेकिन खैबर पख्तूनख्वा हेरिटेज डिपार्टमेंट द्वारा इसके खिलाफ दर्ज एफआईआर के कारण ऐसा नहीं हो सका। इस निजी पार्टी ने अब सरकार को इमारत को ध्वस्त नहीं करने का आश्वासन दिया है।
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