
- हैकर्स ने डेटा लीक किया और उसे 1.5 लाख रुपये में बिक्री के लिए डार्क वेब पर डाल दिया
- Unacademy के संस्थापक ने भी माना कि उपयोगकर्ताओं का विवरण लीक किया गया था
नई दिल्ली, ता। 7 मई 2020, गुरुवार
साइबर सुरक्षा एजेंसी ने दावा किया है कि ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म Unacademy के 25 मिलियन उपयोगकर्ताओं का डेटा हैक कर लिया गया है। इस प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ताओं के नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर सहित संवेदनशील विवरणों को हैकर्स ने बिक्री के लिए हटा दिया है।
ऑनलाइन सुरक्षा एजेंसी साइबर की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म Unacademy के 35 मिलियन उपयोगकर्ताओं का डेटा लीक हो गया था। यह डेटा हैकर्स द्वारा वेब में बेचने के लिए हैक किया गया है। यूजर्स के नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि का विवरण हैकर्स ने 1.5 लाख रुपये में हैक कर लिया।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हैकर्स के हाथों में पड़ने वाले अनएकेडेमिया के शोधकर्ताओं का एक डेटाबेस डार्क वेब में रखा गया था। सुरक्षा एजेंसी साइबर और ब्लिपिंग कम्यूटर्स ने लीक हुए डेटा का विश्लेषण किया। इसमें विप्रो, इन्फोसिस, गूगल और फेसबुक के कर्मचारी भी शामिल थे। वहीं, कंपनी का कॉर्पोरेट नेटवर्क खतरे में है।
रिपोर्ट के बाद, UNAM अकादमी के संस्थापक रमेश सिंह ने स्वीकार किया कि UNACADEM के अनुमानित 11 मिलियन उपयोगकर्ताओं का डेटा लीक हो गया था। उन्होंने अनुमान से इनकार किया कि 25 मिलियन उपयोगकर्ताओं का डेटा लीक हो गया था, लेकिन स्वीकार किया कि 1.1 मिलियन उपयोगकर्ताओं का विवरण हैक किया गया था। उन्होंने कहा कि पासवर्ड, स्थान या व्यक्तिगत विवरण को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मजबूत की जा रही है।
उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि हैकर्स ने कंपनी तक कैसे पहुंच बनाई। लीक हुए डेटाबेस में आखिरी रिकॉर्ड 9 जनवरी को मिला था।
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