बर्लिन, सोमवार 24 अगस्त 2020
जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल की अध्यक्षता वाली सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। AIP की मदद से पनडुब्बियां हफ्तों तक पानी के भीतर रह सकती हैं।
जर्मन संघीय सुरक्षा परिषद द्वारा 6 अगस्त को पाकिस्तान को निर्णय की घोषणा की गई थी। पाकिस्तान ने एआईपी की मांग की ताकि उसकी पनडुब्बियों को सतह पर नहीं आना पड़े। AIP प्रणाली पनडुब्बी की लड़ाकू क्षमता को भी बढ़ाती है क्योंकि यह वायुमंडलीय हवा को बिना डीजल इंजन के हफ्तों तक चलने देती है। पारंपरिक पनडुब्बियों को हर दूसरे दिन सतह पर लौटना पड़ता है, जिससे पकड़े जाने का खतरा बढ़ जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया कि जर्मनी ने आतंकवाद को नियंत्रित करने में असमर्थता के कारण पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाया है। विशेष रूप से, काबुल में जर्मन दूतावास पर 2017 के बम विस्फोट के अपराधियों को दंडित करने में पाकिस्तान विफल रहा है। हक्कानी नेटवर्क, जिसमें पाकिस्तान का समर्थन है, विस्फोट के पीछे था जिसमें लगभग 150 लोग मारे गए थे।
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