रूस को फिर झटका, दूसरा कोरोना वैक्सीन तैयार, कोई साइड इफेक्ट नहीं


मॉस्को, ता। रविवार 23 अगस्त 2020

रूस का कहना है कि उसने कोरोना वायरस के खिलाफ एक नया टीका विकसित किया है। इससे पहले 11 अगस्त को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि रूस ने कोरोना वायरस के खिलाफ एक सफल टीका विकसित किया था। ऐसा करने वाला रूस पहला देश बन गया। रूस ने पहले कोरोना वैक्सीन के उपयोग की भी अनुमति दी।

रूस अब एक और वैक्सीन विकसित करने का दावा करता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस का कहना है कि पहले टीके का दुष्प्रभाव नए वैक्सीन के समान नहीं होगा।

रूस ने पहला टीका स्पुतनिक 5 नाम दिया। दूसरे टीके का नाम एपीवीकोकोरोना है। रूस ने साइबेरिया में वर्ल्ड क्लास इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी) में एपीवीकोकोरोना वैक्सीन विकसित की। पहले यह संस्थान टॉप सीक्रेट बायोलॉजिकल वेपन्स रिसर्च प्लांट था।

रूसी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि EpiVacCorona वैक्सीन का नैदानिक ​​परीक्षण सितंबर में पूरा हो जाएगा, लेकिन 57 स्वयंसेवकों को टीका लगाया गया है, उनमें से कोई भी साइड इफेक्ट का सामना नहीं कर रहा है। सभी स्वयंसेवक स्वस्थ हैं और अच्छा महसूस कर रहे हैं।

EpiVacCorona की दो खुराक भी लागू की जाएंगी। पहली फीडिंग के 14 से 21 दिन बाद दूसरी फीडिंग दी जाएगी। रूस को उम्मीद है कि अक्टूबर तक वैक्सीन पंजीकृत हो जाएगी और नवंबर में उत्पादन शुरू हो जाएगा।

वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी ने कोरोना वायरस के 13 संभावित टीकों पर काम किया। लैब में पशुओं पर वैक्सीन का परीक्षण किया गया। चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम भी एक सफल कोरोना वैक्सीन पर काम कर रहे हैं, और देश के कुछ टीकों के चरण -3 परीक्षण चल रहे हैं।

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