
नई दिल्ली की तारीख शनिवार, 29 अगस्त, 2020
भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव के बीच, भारत सरकार एक महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। सरकार रूस को बता सकती है कि भारतीय सेना बहुराष्ट्रीय सैन्य युद्धाभ्यास अभ्यास 2020 में भाग नहीं लेगी। अगले महीने रूस में होने वाले युद्ध खेलों में चीन और पाकिस्तान की सेनाएँ भी हिस्सा ले रही हैं। अभ्यास में भारतीय सेना भी हिस्सा लेगी।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर और सीडीएस जनरल बिपिन रावत मौजूद थे। सूत्रों ने कहा कि भारत लगातार लद्दाख में चीन पर नजर रख रहा है। चीन के साथ लगती 4000 किलोमीटर लंबी सीमा पर भारतीय सेना भी हाई अलर्ट पर है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एससीओ में शामिल होने के लिए 4 से 6 सितंबर तक रूस का दौरा करने वाले हैं, लेकिन इस बीच चीनी रक्षा मंत्री के साथ वार्ता नहीं करेंगे। संभावना है कि राजनाथ सिंह 3 सितंबर को मास्को के लिए रवाना होंगे। यह भी संभव है कि भारत इस बैठक के भीतर चीन की क्षेत्रीयवादी नीति का मुद्दा उठा सकता है।
बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ रहा है। विभिन्न देशों के 12,500 से अधिक सैनिक अभ्यास में भाग लेंगे, जो रूस में आयोजित किया जाएगा। हालांकि, इस बात की अच्छी संभावना है कि भारतीय सैनिक चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध का आयोजन भी नहीं करेंगे।
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