
बीजिंग, ता। 1 सितंबर 2020, मंगलवार
चीन, जो लंबे समय से लद्दाख में भारत के साथ संघर्ष कर रहा था, अब भुखमरी की स्थिति से गुजर रहा है। अगस्त में जिनपिंग ने क्लीन योर प्लेट अभियान शुरू किया था, तब इन आशंकाओं को बल मिला था। भुखमरी की इस स्थिति से लोगों का ध्यान हटाने के लिए, चीन सरकार भारत के साथ अपने टकराव में उग्र राष्ट्रवाद का सहारा ले रही है। इतना ही नहीं, बल्कि चीन ने अप्रैल से दक्षिण चीन सागर में पांच सैन्य अभ्यास किए हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी गरीबी और भुखमरी से लोगों का ध्यान हटाने के लिए पर्याप्त प्रयास कर रही है।
यह पहली बार नहीं है जब चीन ने भुखमरी से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सैन्य बल का सहारा लिया है। इससे पहले भी, 1962 में, जब चीन के अंदर अकाल पड़ा था, चीन के सर्वोच्च नेता माओत्से तुंग ने भारत के साथ युद्ध शुरू किया था। उस समय चीन में हजारों लोग भुखमरी से मर गए। चीन में सत्तारूढ़ पार्टी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी अभी भी इस तरह की नीति अपना रही है।
कोरोना वायरस और बाढ़ ने चीन में खाद्य संकट पैदा कर दिया है। ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भूख को कम करने के लिए 2013 क्लीन योर प्लेट अभियान और 2013 क्लीन योर प्लेट अभियान फिर से शुरू किया है। दुनिया के अन्य देशों का भी मानना है कि चीन इस योजना के तहत खाद्य संकट को छिपाना चाहता है।
वर्तमान में चीन सबसे बड़े टिड्डी हमले का सामना कर रहा है। जिसके कारण खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। सेना भी इसे नियंत्रित करने के लिए अभियान चला रही है। इसके अलावा, चीन भी कोरोना वायरस की बाढ़ की चपेट में आ गया है। जिसके कारण देश में भुखमरी की स्थिति बढ़ती जा रही है।
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