अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया पटरी से उतर गई, जिसमें 24 प्रांतों पर हमला हुआ

काबुल, ता। 28 सितंबर 2020, सोमवार

अफगानिस्तान में आतंकवादी संगठन और सरकार के बीच चल रहा शांति समझौता एक बार फिर से पटरी से उतर गया है। आतंकवादी समूह तालिबान ने अफगानिस्तान के 24 प्रांतों में एक साथ हमले किए हैं। देश के इतने बड़े क्षेत्र पर एक साथ हमले ने अफगान सरकार को भी हिला दिया है।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि तालिबान ने पिछले 24 घंटों में देश के 24 प्रांतों में हमले किए हैं। तालिबान ने हिंसा फैला दी है और शांति प्रक्रिया और अफगान लोगों की आकांक्षाओं को नजरअंदाज कर दिया है। आतंकवादी हर दिन नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमला कर रहे हैं।

उन्होंने सरकार से तालिबान के साथ लड़ाई बंद करने और शांति प्रक्रिया में शामिल होने का आह्वान किया। लेकिन अफगान सेना देश के लिए किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए भी तैयार है। दूसरी ओर, तालिबान ने अफगान सरकार पर देश में विदेशी सैनिकों को रखने के लिए जानबूझकर हिंसा बढ़ाने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान ने नंगरहार, कुनार, लगमन, नूरिस्तान, कपिसा, मैदान वर्दक, गजनी, लोगर, पक्तिका, खोस्त, कंधार, जंबल, हेरात, फराह, बड़गी, घोर, फारिब, सर-ए-पुल, बल्ख, हेलमंद और कुंदन को निशाना बनाया है। , बदख्शां और बालगान पर रॉकेट लांचर से हमला किया गया।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि 40 साल पुराने संघर्ष को समाप्त करने के लिए कुछ समय पहले दोहा में एक शांति कथा आयोजित की गई थी। इस शांति प्रक्रिया पर दुनिया की निगाहें टिकी थीं। लेकिन इस बीच देश में हिंसा भड़क गई और सारी आशा पर पानी फिर गया।

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