ब्रिटिश पीएम से लेकर शाही परिवार तक, चीनी कंपनी ने ब्रिटेन में 40,000 लोगों की जासूसी की

लंदन, ता। 14 सितंबर 2020, सोमवार

चीन के नापाक इरादे भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को परेशान कर रहे हैं। सोमवार सुबह एक बड़ा खुलासा हुआ कि चीन भारत में लगभग 10,000 लोगों की जासूसी कर रहा था। इनमें देश के राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक शामिल हैं। तभी ब्रिटेन के बारे में एक नया खुलासा हुआ। जहां एक चीनी कंपनी ने ब्रिटेन में 40,000 लोगों की जासूसी की है। एक ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, एक चीनी कंपनी ने ब्रिटेन में लगभग 40,000 लोगों के डेटाबेस का संकलन किया है। चीन की सरकार इसका इस्तेमाल अपनी ख़ुफ़िया सेवा के लिए कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने ब्रिटेन के बड़े राजनेताओं, बिजनेस मेन, एक्टर्स के आंकड़ों को संकलित किया है। इन सभी लोगों का एक फोल्डर चीनी सर्वर में बनाया गया है। जिसमें सभी प्रकार की जानकारी हो।

अखबार के अनुसार, चीनी कंपनी ने ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन और उनके मंत्रिमंडल, शाही परिवार, सेना के अधिकारियों, व्यापारियों और कुछ अपराधियों के एक डेटाबेस को संकलित किया है। इस सूची में कुछ नाम हैं। लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि चीन ने डेटा कलेक्टर क्या किया है। फिर कब और कैसे कर रहा है। ब्रिटिश सांसद जस्टिन वेलबी, एप्रैम मिर्विस ने रहस्योद्घाटन पर सरकार से सवाल किया और कहा कि पूरा ब्रिटेन चीन की नजर में है।

भारत के एक अंग्रेजी अखबार में सोमवार को यह खुलासा हुआ। यह दावा करता है कि एक चीनी कंपनी ने 10,000 लोगों पर जासूसी की है, जिसमें प्रधान मंत्री, राष्ट्रपति, कैबिनेट मंत्री, दर्जनों मुख्यमंत्री, पूर्व सेना प्रमुख, न्यायाधीश, बॉलीवुड सितारे और खिलाड़ी शामिल हैं। इस रहस्योद्घाटन के बाद कई सवाल उठाए गए हैं और मामला लोकसभा में उठाया गया है।

चीनी कंपनियों के इन हस्तियों के डिजिटल डेटा को संकलित किया है। जिसे चीनी सेना ने पीएलए के साथ साझा किया। भारत सरकार ने पहले ही चीनी कंपनियों और मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिस पर इस तरह से डेटा एकत्र करने का संदेह था।

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