दुनिया भर में कोरोना वैक्सीन पहुंचाने के लिए 8,000 जंबो जेट की जरूरत होगी


मॉन्ट्रियल, ता। गुरुवार, 10 सितंबर, 2020

द इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के प्रमुख अलेक्जेंडर जूलियाक ने कहा कि दुनिया भर में टीके पहुंचाना सदी की सबसे बड़ी चुनौती होगी। वैक्सीन पहुंचाने के लिए कम से कम 8000 जंबो जेट की जरूरत होगी। आईएटीए प्रमुख ने कहा कि इस दिशा में अभी से प्रयास किए जा रहे हैं।

कोरोना वैक्सीन ढूंढना उतना ही एक चुनौती है जितना इसे दुनिया भर में पहुंचाना। आईएटीए प्रमुख के अनुसार, दुनिया के सभी देशों में कम से कम 8000 जंबो जेट की जरूरत होगी, अगर समय पर वैक्सीन पहुंचाई जाए। वैक्सीन लगभग सभी देशों तक पहुंच जाएगा जब बोइंग 747 प्रकार के 8000 विमान वैक्सीन वितरित करेंगे।

वैक्सीन अभी तैयार नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य एजेंसियों, फार्मा कंपनियों और एयरलाइंस ने इस बात की रूपरेखा तैयार की है कि यह वैक्सीन दुनिया के कोने-कोने में कब पहुंचाई जाएगी। जैसे ही यह उत्पादन होता है, दवा वितरित करने का प्रयास किया जाएगा। IATA के अनुसार, दुनिया के सभी देशों में आपातकालीन चिकित्सा पहुंचाना इस सदी की सबसे बड़ी परिवहन चुनौती होगी।

इस प्रकार, बहुत सी वस्तुएं कार्गो में आसानी से आ जाती हैं, लेकिन अन्य वस्तुओं की तुलना में दवा पहुंचाने का कार्य अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण है। जब टीका दिया जाता है तो तापमान 2.8 सेंटीग्रेड होना चाहिए। कुछ टीकों को शून्य डिग्री का तापमान भी बनाए रखना पड़ता है। इस वजह से कई प्लेन वैक्सीन नहीं दे सकते हैं।

वैक्सीन डिलीवरी उन विमानों में काम नहीं करती है जिनमें माइनस से नीचे तापमान ले जाने की क्षमता नहीं है। IATA के अनुसार, एशियाई और अफ्रीकी देशों में वितरित करना अधिक कठिन है। संघ के प्रमुख ने विभिन्न देशों की सरकारों से पर्याप्त व्यवस्था और अग्रिम तैयारी करने की भी अपील की।

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